हमारे बारे में और संपादकीय नीति

जनसेतु News उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और उत्तर भारत की ज़मीनी ख़बरें हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराती, पंजाबी और उर्दू में प्रकाशित करता है। ख़बरें पंजीकृत स्थानीय रिपोर्टर ("जनसेतु योद्धा") लाते हैं और हर ख़बर प्रकाशन से पहले संपादक की जाँच से गुज़रती है।

संपादकीय नीति

  • सिर्फ़ सत्यापित योद्धा ख़बर भेज सकते हैं: पहले आवेदन, फिर संपादकीय टीम की मंज़ूरी।
  • हर ख़बर संपादक की जाँच-सूची से गुज़रती है; प्रकाशन का फ़ैसला हमेशा इंसान लेता है।
  • यौन हिंसा, नाबालिग, सांप्रदायिक तनाव या मौत से जुड़ी ख़बरें वरिष्ठ संपादक की समीक्षा के बाद ही छपती हैं।
  • नाबालिग या यौन हिंसा पीड़ित की पहचान कभी नहीं दी जाती।
  • आरोपी की तस्वीर या पता तब तक नहीं, जब तक सरकारी पुष्टि न हो।
  • प्रदर्शन और क़ानून-व्यवस्था की ख़बरों में सभी पक्ष; बिना जाँच की संख्या नहीं।

ख़बर कैसे जाँची जाती है

  • तथ्य, नाम और आँकड़ों की पुष्टि रिपोर्टर से की जाती है और कम से कम एक अलग स्रोत से मिलान किया जाता है।
  • हर ख़बर पर उसका आधार लिखा होता है: "पुष्ट तथ्य", "आधिकारिक बयान पर आधारित" या "आरोप — पुष्टि बाकी"।
  • आरोप वाली ख़बरों में आरोप को आरोप ही लिखा जाता है, तथ्य की तरह नहीं, और जिन पर आरोप है उनका पक्ष लिया या माँगा जाता है।
  • हर ख़बर के नीचे रिपोर्टर का नाम, मूल स्रोत का लिंक और मंज़ूरी देने वाले संपादक का नाम होता है।

सुधार नीति

  • गलती मिलने पर ख़बर में सुधार किया जाता है और ख़बर के नीचे "सुधार" लिखकर खुले में बताया जाता है कि क्या बदला।
  • किसी ख़बर में गलती दिखे तो उस ख़बर के नीचे टिप्पणी करें; संपादकीय टीम हर टिप्पणी पढ़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जनसेतु News क्या है?

जनसेतु News एक बहुभाषी समाचार वेबसाइट है जो स्थानीय रिपोर्टरों की ख़बरें संपादकीय जाँच के बाद हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराती, पंजाबी और उर्दू में प्रकाशित करती है।

जनसेतु पर ख़बरें कैसे जाँची जाती हैं?

हर ख़बर सत्यापित योद्धा से आती है, संपादक जाँच-सूची के साथ तथ्य परखते हैं, और संवेदनशील ख़बरें वरिष्ठ संपादक की मंज़ूरी के बाद ही छपती हैं।

जनसेतु योद्धा कैसे बनें?

वेबसाइट पर "योद्धा बनें" फ़ॉर्म भरें। संपादकीय टीम जाँच के बाद मंज़ूरी देती है, उसके बाद आपकी प्रोफ़ाइल दिखती है।

"आरोप — पुष्टि बाकी" का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि ख़बर किसी शिकायत या आरोप पर आधारित है और आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।

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